कौन है ये खूबसूरत गर्ल, जिसने मॉडलिंग छोड़ दी UPSC परीक्षा, पहले ही प्रयास में बन गई IAS

कौन है ये खूबसूरत गर्ल, जिसने मॉडलिंग छोड़ दी UPSC परीक्षा, पहले ही प्रयास में बन गई IAS

ऐश्वर्या की फैमिली मुंबई में रहती है। एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था मिस इंडिया (Miss India) की फाइनलिस्ट ऐश्वर्या श्योराण (Aishwarya Sheoran) ने जब अपने पहले ही अटेम्प्ट में भारत की सबसे कठिन परीक्षा UPSC क्रैक की तो हर कोई आश्चर्य से भर गया। ऐसा इसलिए भी क्योंकि एक मॉडल का अफसर बनने की राह कितनी कठिन, चुनौतीपूर्ण और कितनी मेहनत वाली रही होगी, इसका अनुभव सिर्फ ऐश्वर्या श्योराण ही बता सकती हैं. वह भारत की सबसे खूबसूरत लेडी अफसर में से एक हैं। उनकी यह उपलब्धि तब और भी बड़ी बन जाती है, जब पता चलता है कि उन्होंने बिना कोचिंग ही यह सफलता अपने नाम की है। तस्वीरों में देखिए एक मॉडल से IAS अफसर तक का ऐश्वर्या श्योराण सफर…

ऐश्वर्या श्योराण राजस्थान (Rajasthan) के चुरू (Churu) की रहने वाली हैं। उन्होंने बिना कोचिंग घर पर ही 10 महीने की तैयारी की और इसी तैयारी के बाद जब पहली बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठीं तो उनकी ऑल इंडिया में 93वीं रैंक आई। ऐश्वर्या के पिता अजय श्योराण भारतीय सेना में कर्नल हैं। उनकी पोस्टिंग तेलंगाना के करीमनगर में है और मां सुमन हाउस वाइफ हैं। ऐश्वर्या की फैमिली मुंबई में रहती है। एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था, ‘मेरी मां ने मेरा नाम ऐश्वर्या राय के नाम पर रखा, क्योंकि वह चाहती थीं कि मैं मिस इंडिया बनूं और आखिरकार मैं मिस इंडिया की टॉप 21 फाइनलिस्ट में चुनी गई। लेकिन मैं हमेशा से ही आईएएस बनना चाहती थी, यही मेरा लक्ष्य था।

ऐश्वर्या श्योराण यूपीएससी में अपीयर होने से पहले मॉडलिंग करती थीं। साल 2014 में दिल्ली की क्लीन एंड क्लियर फेस फ्रेश भी रह चुकी हैं। 2015 में दिल्ली में मॉडलिंग का खिताब जीता अपने नाम किया था और साल 2016 में फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट बनीं। ऐश्वर्या की फैमिली शुरू से ही दिल्ली में रहती थी। उनकी स्कूलिंग चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल से हुई। 12वीं में उनको 97.5 प्रतिशत मार्क्स मिले औऱ वे टॉपर बनीं।

इसके बाद उन्होंने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन कंप्लीट किया। साल 2018 में ऐश्वर्या श्योराण ने यूपीएससी की तैयारी की। उनका सेलेक्शन आईआईएम इंदौर में भी हुआ था, लेकिन उन्होंने एडमिशन नहीं लिया। क्योंकि उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेस ही था। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और घर पर ही रहकर पढ़ाई की। नतीजा यह रहा कि जब रिजल्ट आया तो उनका नाम टॉपर लिस्ट में रहा।

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